किसानों के लिए खुशखबरी! कृषि यंत्रों पर 50% सब्सिडी – अंतिम मौका, जल्दी करें आवेदन
क्या आप भी खेती में पुरानी तकनीकों और मजदूरों की कमी से परेशान हैं? हम जानते हैं कि आधुनिक खेती के लिए मशीनों का होना कितना जरूरी है, लेकिन उनकी बढ़ती कीमतें अक्सर किसानों के हाथ बांध देती हैं। अगर आप भी महंगे कृषि यंत्र खरीदने का सपना देखते हैं लेकिन बजट की कमी आड़े आ रही है, तो यह खबर खास आपके लिए है। उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों की इस बड़ी समस्या का समाधान निकाल लिया है। जी हाँ, सरकार अब किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों पर 50% तक की भारी सब्सिडी दे रही है। इस लेख में, हम आपको बताएंगे कि आप इस योजना का लाभ कैसे उठा सकते हैं, कौन से यंत्र इसमें शामिल हैं और आवेदन की अंतिम तारीख क्या है। तैयार हो जाइये अपनी खेती को मुनाफे में बदलने के लिए!
यूपी सरकार का बड़ा फैसला: खेती होगी अब और भी आसान
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों को सशक्त बनाने और खेती को आधुनिक रूप देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। सरकार ने ‘सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (SMAM)’ योजना के तहत कृषि यंत्रों की खरीद पर 50 प्रतिशत तक का अनुदान (Subsidy) देने की घोषणा की है। यह फैसला न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि फसल अवशेष (पराली) जलाने की समस्या से निपटने में भी कारगर साबित होगा।

योजना का मुख्य उद्देश्य
इस योजना का मुख्य लक्ष्य छोटे और सीमांत किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है। अक्सर छोटे किसान महंगी मशीनें नहीं खरीद पाते, जिसके कारण उनकी पैदावार कम रह जाती है और मेहनत ज्यादा लगती है। इस सब्सिडी योजना के जरिए, सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि हर किसान के पास उन्नत खेती के साधन हों। साथ ही, फसल अवशेष प्रबंधन (Crop Residue Management) के लिए मशीनें उपलब्ध कराकर पर्यावरण को भी सुरक्षित रखने का प्रयास किया जा रहा है।
किन यंत्रों पर मिलेगी सब्सिडी?
इस योजना के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के कृषि यंत्रों और फार्म मशीनरी बैंकों पर सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- फार्म मशीनरी बैंक (Farm Machinery Bank): गाँव स्तर पर मशीनों का बैंक बनाने के लिए।
- कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC): जहाँ से किसान किराए पर मशीनें ले सकें।
- हाईटेक हब फॉर कस्टम हायरिंग: बड़े स्तर के कृषि कार्यों के लिए।
- कृषि ड्रोन (Agriculture Drones): छिड़काव और निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक।
- फसल अवशेष प्रबंधन यंत्र: जैसे कि सुपर सीडर, मल्चर, हैप्पी सीडर आदि।
इन मशीनों की मदद से किसान न केवल अपनी लागत घटा पाएंगे, बल्कि कम समय में ज्यादा काम भी कर सकेंगे।
आवेदन की महत्वपूर्ण तारीखें (Golden Deadline)
किसानों को ध्यान देना चाहिए कि यह अवसर सीमित समय के लिए है। सरकारी अधिसूचना के अनुसार:
- आवेदन शुरू होने की तारीख: 8 जनवरी 2026
- आवेदन की अंतिम तारीख: 21 जनवरी 2026
आपके पास आवेदन करने के लिए बहुत कम समय बचा है, इसलिए अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना तुरंत आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।
किसानों को कितना फायदा होगा?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि चयनित कृषि यंत्रों पर 50% तक की सब्सिडी दी जाएगी। इसका मतलब है कि अगर आप कोई मशीन खरीदते हैं, तो उसकी आधी कीमत सरकार वहन करेगी। यह लाभ ‘इन-सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेसिड्यू (In-Situ Management of Crop Residue)’ योजना के तहत भी मान्य होगा, जो खास तौर पर पराली प्रबंधन के लिए है।
योजना का लाभ कौन उठा सकता है? (पात्रता)
- आवेदक उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।
- किसान का पंजीकरण राज्य के कृषि विभाग की वेबसाइट पर होना अनिवार्य है।
- यह योजना विशेष रूप से छोटे (Small) और सीमांत (Marginal) किसानों के लिए लाभकारी है।
- अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और महिला किसानों को प्राथमिकता दी जा सकती है।
डेटा और जानकारी: एक नजर में (Scheme Overview)
नीचे दी गई तालिका में योजना की मुख्य बातें सरल तरीके से समझाई गई हैं:
| विवरण (Description) | जानकारी (Details) |
| योजना का नाम | सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (SMAM) |
| राज्य | उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) |
| लाभार्थी | राज्य के किसान (विशेषकर छोटे व सीमांत) |
| सब्सिडी राशि | कृषि यंत्रों पर 50% तक |
| प्रमुख यंत्र | फार्म मशीनरी बैंक, ड्रोन, कस्टम हायरिंग सेंटर |
| आवेदन मोड | ऑनलाइन (Online) |
| अंतिम तिथि | 21 जनवरी 2026 |
| आधिकारिक वेबसाइट | कृषि विभाग, उत्तर प्रदेश |
आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Guide)
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आपको ऑनलाइन आवेदन करना होगा। प्रक्रिया बहुत ही सरल है:
- सबसे पहले उत्तर प्रदेश कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- वहां “यंत्र पर अनुदान हेतु टोकन निकालें” या संबंधित लिंक पर क्लिक करें।
- अपना किसान पंजीकरण नंबर (Farmer Registration Number) दर्ज करें।
- उपलब्ध यंत्रों की सूची में से उस यंत्र का चुनाव करें जिसे आप खरीदना चाहते हैं।
- मांगी गई सभी जानकारी भरें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
- अंत में, फॉर्म सबमिट करें और टोकन जनरेट करें। (ध्यान रहे, कई बार ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर लाभ दिया जाता है, इसलिए देरी न करें)।
Conclusion:
निष्कर्ष के तौर पर, उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। 50% सब्सिडी न केवल आर्थिक बोझ कम करेगी, बल्कि खेती को एक मुनाफे के सौदे में बदल देगी। मशीनीकरण से न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि उत्पादन भी बढ़ेगा। लेकिन याद रखें, समय निकल रहा है! 21 जनवरी 2026 आखिरी तारीख है। अगर आप या आपके परिचित किसान इस योजना के पात्र हैं, तो आज ही आवेदन करें और इस सुनहरे मौके को हाथ से न जाने दें। स्मार्ट खेती की ओर बढ़ाएं अपना कदम!
People Also Ask (FAQs):
Q1. यूपी में कृषि यंत्रों पर कितनी सब्सिडी मिल रही है?
उत्तर: उत्तर प्रदेश सरकार ‘सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (SMAM)’ योजना के तहत किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर 50% तक की सब्सिडी प्रदान कर रही है। यह राशि यंत्र के प्रकार और किसान की श्रेणी (जैसे SC/ST/सामान्य) के आधार पर थोड़ी भिन्न हो सकती है, लेकिन अधिकतम लाभ 50 प्रतिशत तक है।
Q2. इस योजना में आवेदन करने की अंतिम तारीख क्या है?
उत्तर: इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 8 जनवरी 2026 से शुरू हो चुकी है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 21 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे सर्वर डाउन होने या अन्य तकनीकी समस्याओं से बचने के लिए अंतिम तिथि से पहले ही आवेदन कर लें।
Q3. क्या मैं इस योजना के तहत ट्रैक्टर खरीद सकता हूँ?
उत्तर: यह योजना मुख्य रूप से कृषि यंत्रों जैसे रोटावेटर, सुपर सीडर, मल्चर, कृषि ड्रोन, और कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) की स्थापना पर केंद्रित है। ट्रैक्टर पर सब्सिडी अक्सर अलग-अलग योजनाओं के तहत आती है, लेकिन इस विशिष्ट अधिसूचना में ‘फार्म मशीनरी बैंक’ और ‘कृषि यंत्रों’ पर जोर दिया गया है। सटीक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध यंत्रों की सूची देखें।
Q4. आवेदन करने के लिए कौन से दस्तावेजों की आवश्यकता है?
उत्तर: आवेदन के लिए आपके पास आधार कार्ड, बैंक पासबुक की कॉपी, भूमि के कागजात (खतौनी), पासपोर्ट साइज फोटो, और मोबाइल नंबर होना अनिवार्य है। इसके अलावा, आपका पंजीकरण कृषि विभाग की वेबसाइट पर होना चाहिए और आपके पास एक वैध किसान पंजीकरण संख्या होनी चाहिए।
Q5. यह योजना किन किसानों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद है?
उत्तर: यद्यपि यह योजना राज्य के सभी किसानों के लिए खुली है, लेकिन इसका मुख्य उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को लाभ पहुँचाना है। सरकार चाहती है कि कम जमीन वाले किसान भी आधुनिक मशीनों का उपयोग कर सकें। इसके अलावा, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला किसानों को भी योजना में प्राथमिकता दी जाती है।
Interactive Knowledge Check (MCQ Quiz):
Q1. कृषि यंत्रों पर सब्सिडी देने वाली योजना का नाम क्या है?
A) पीएम किसान सम्मान निधि
B) सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (SMAM)
C) फसल बीमा योजना
D) मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना
Correct Answer: B) सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (SMAM)
Q2. इस योजना के तहत अधिकतम कितनी सब्सिडी दी जा रही है?
A) 20%
B) 30%
C) 50%
D) 80%
Correct Answer: C) 50%
Q3. आवेदन करने की अंतिम तिथि क्या है?
A) 15 जनवरी 2026
B) 21 जनवरी 2026
C) 31 जनवरी 2026
D) 28 फरवरी 2026
Correct Answer: B) 21 जनवरी 2026
Q4. यह योजना किस राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही है?
A) पंजाब
B) हरियाणा
C) मध्य प्रदेश
D) उत्तर प्रदेश
Correct Answer: D) उत्तर प्रदेश
Q5. योजना का एक मुख्य उद्देश्य किस समस्या को रोकना है?
A) बाढ़
B) सूखा
C) फसल अवशेष (पराली) जलाना
D) जंगली जानवरों का हमला
Correct Answer: C) फसल अवशेष (पराली) जलाना
