UP Krishak Durghatna Kalyan Yojana 2026: पाएं ₹5 लाख का क्लेम, ऑनलाइन आवेदन और लिस्ट चेक करें
UP Krishak Durghatna Kalyan Yojana 2026: पाएं ₹5 लाख का क्लेम, ऑनलाइन आवेदन और लिस्ट चेक करें

UP Krishak Durghatna Kalyan Yojana 2026: पाएं ₹5 लाख का क्लेम, ऑनलाइन आवेदन और लिस्ट चेक करें

यूपी मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना 2026: 5 लाख तक का मुआवजा, नई लिस्ट और ऑनलाइन आवेदन की पूरी जानकारी

क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले हमारे अन्नदाता, यानी किसान भाई, अपने खेतों में काम करते समय कितनी अनिश्चितताओं का सामना करते हैं? एक छोटी सी दुर्घटना उनके पूरे परिवार के भविष्य को अंधकार में डाल सकती है। यही वह दर्द है जिसे समझते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य खेती-किसानी से जुड़ा है, तो यह जानकारी आपके लिए संजीवनी बूटी से कम नहीं है। इस लेख में, हम “मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना” की गहराई में जाएंगे, जो न केवल एक सरकारी योजना है, बल्कि संकट की घड़ी में किसान परिवारों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच है। हम आपको बताएंगे कि कैसे योगी सरकार ने इस योजना को 2026 में और अधिक हाई-टेक और पारदर्शी बना दिया है, और कैसे आप बिना किसी दफ्तर के चक्कर काटे 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं। यह लेख आपको पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और नए नियमों की ए-टू-जेड जानकारी देगा, ताकि आप अपना हक पाने से वंचित न रहें।


मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना

उत्तर प्रदेश में कृषि केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि जीवन जीने का एक तरीका है। लेकिन, खेतों में काम करते समय, थ्रेशर चलाते वक्त, नलकूप पर काम करते हुए, या मंडी जाते समय सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम हमेशा बना रहता है। पहले, ऐसी दुर्घटनाओं में जब किसी किसान की मृत्यु हो जाती थी या वह दिव्यांग हो जाता था, तो उसका परिवार आर्थिक तंगी के दलदल में धंस जाता था। इसी समस्या के स्थायी समाधान के रूप में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में वर्ष 2019 में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की नींव रखी गई।

इस योजना का मुख्य ध्येय बेहद स्पष्ट है – राज्य के किसी भी किसान के साथ अनहोनी होने पर सरकार उसके परिवार के साथ खड़ी रहेगी। यह केवल एक मुआवजा नहीं, बल्कि उस परिवार के सम्मान और भविष्य की सुरक्षा की गारंटी है। सरकार का यह प्रयास सुनिश्चित करता है कि परिवार का मुखिया खोने के बाद भी बच्चे और आश्रित भूखे न सोएं और उनकी शिक्षा-दीक्षा में कोई बाधा न आए।

UP Krishak Durghatna Kalyan Yojana 2026: पाएं ₹5 लाख का क्लेम, ऑनलाइन आवेदन और लिस्ट चेक करें
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2026 के नए अपडेट: डिजिटलीकरण और पारदर्शिता की ओर कदम

वर्ष 2026 इस योजना के लिए एक क्रांतिकारी मोड़ साबित होने जा रहा है। अब तक, किसानों को आवेदन करने के लिए तहसील और जिला कार्यालयों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती थी। लेकिन अब, योगी सरकार ने “ईज ऑफ लिविंग” के तहत पूरी प्रक्रिया को डिजिटल करने का फैसला किया है।

मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद, राजस्व परिषद और एनआईसी (NIC) मिलकर एक अत्याधुनिक वेब पोर्टल और सॉफ्टवेयर विकसित कर रहे हैं। फरवरी 2026 तक इस पोर्टल के पूरी तरह से सक्रिय होने की उम्मीद है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब किसान या उनके परिजन घर बैठे, अपने मोबाइल या जन सुविधा केंद्र (CSC) से आवेदन कर सकेंगे। इतना ही नहीं, योजना की राशि अब बिचौलियों के हाथों से नहीं, बल्कि सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी। यह कदम भ्रष्टाचार पर लगाम कसने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित होगा।

पात्रता का विस्तार: भूमिहीन किसान और बटाईदार भी शामिल

इस योजना की सबसे बड़ी खूबसूरती इसका बढ़ता हुआ दायरा है। शुरुआत में, यह योजना केवल उन किसानों तक सीमित थी जिनके पास अपनी खुद की जमीन (खतौनी) होती थी। लेकिन धरातल पर यह देखा गया कि खेतों में असली पसीना बहाने वाला एक बड़ा वर्ग, यानी खेतिहर मजदूर और बटाईदार, अक्सर लाभ से वंचित रह जाते थे।

इस विसंगति को दूर करते हुए, सरकार ने वर्ष 2023-24 में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया और योजना का विस्तार किया। अब इस योजना के तहत:

  • खातेदार किसान: जिनके नाम पर कृषि भूमि दर्ज है।
  • सह-खातेदार: अगर जमीन परिवार के कई सदस्यों के नाम पर है, तो वे भी पात्र हैं।
  • भूमिहीन किसान/बटाईदार: जो दूसरों की जमीन पर खेती करते हैं।
  • खेतिहर मजदूर: जो मजदूरी पर कृषि कार्य करते हैं।

इन सभी वर्गों को सुरक्षा के घेरे में लाया गया है। यह “सबका साथ, सबका विकास” के नारे को चरितार्थ करता है।

आर्थिक सहायता और मुआवजे का गणित

योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि दुर्घटना की गंभीरता पर निर्भर करती है। सरकार ने इसे बहुत ही मानवीय दृष्टिकोण से वर्गीकृत किया है:

  1. मृत्यु होने पर: यदि किसी दुर्घटना में किसान की दुखद मृत्यु हो जाती है, तो उसके नॉमिनी (उत्तराधिकारी) को 5 लाख रुपये की एकमुश्त राशि दी जाती है।
  2. स्थायी दिव्यांगता: यदि दुर्घटना के कारण किसान पूर्ण रूप से दिव्यांग हो जाता है (जैसे दोनों हाथ या पैर खो देना, या काम करने में पूरी तरह असमर्थ हो जाना), तो भी उसे 5 लाख रुपये तक की सहायता मिलती है।
  3. आंशिक दिव्यांगता: यदि दिव्यांगता का प्रतिशत 60% से अधिक है लेकिन पूर्ण नहीं है, तो आनुपातिक रूप से सहायता राशि तय की जाती है। इसमें एक अंग की हानि पर भी आर्थिक मदद का प्रावधान है, जो आमतौर पर 2 लाख रुपये से लेकर 4 लाख रुपये तक हो सकती है (यह जिला स्तरीय समिति के निर्णय पर निर्भर करता है)।

आंकड़े क्या कहते हैं? सफलता की कहानी

आंकड़े कभी झूठ नहीं बोलते और इस योजना के आंकड़े इसकी सफलता की गवाही दे रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक सरकार ने 18,145 किसान परिवारों को 873.58 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि वितरित की है। अगर हम योजना की शुरुआत से अब तक की बात करें, तो कुल 1,08,098 परिवारों के आंसू पोंछने का काम इस योजना ने किया है।

वर्ष 2023-24 में, जब भूमिहीन किसानों को जोड़ा गया, तो 23,821 नए परिवारों को 944.72 करोड़ रुपये की मदद मिली। यह दर्शाता है कि सरकार केवल घोषणाएं नहीं कर रही, बल्कि जमीनी स्तर पर काम कर रही है।

योजना की तुलनात्मक तालिका (Data Chart)

नीचे दी गई तालिका के माध्यम से आप योजना के पुराने और नए स्वरूप को आसानी से समझ सकते हैं:

विवरण (Parameter)पुराना स्वरूप (Old Norms)नया स्वरूप (New Norms 2026)
पात्रता (Eligibility)केवल भू-स्वामी (Land Owners)भू-स्वामी + भूमिहीन किसान + बटाईदार
आवेदन प्रक्रिया (Mode)ऑफलाइन (तहसील/दफ्तर)100% ऑनलाइन (वेब पोर्टल)
भुगतान का तरीकाचेक/ड्राफ्ट/सामान्य ट्रांसफरडायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT)
पारदर्शिता (Transparency)कम (मैनुअल फाइलिंग)उच्च (रियल-टाइम ट्रैकिंग)
अधिकतम राशि₹5,00,000₹5,00,000
आवेदन की समय सीमादुर्घटना के 45 दिनों के भीतरदुर्घटना के 45 दिनों के भीतर (छूट संभव)

आवेदन कैसे करें? (प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज)

भले ही नया पोर्टल फरवरी 2026 में आ रहा है, लेकिन प्रक्रिया की जानकारी होना आवश्यक है ताकि आप तैयार रहें।

आवश्यक दस्तावेज (Important Documents):

  • आधार कार्ड (किसान और नॉमिनी दोनों का)।
  • निवास प्रमाण पत्र (उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य)।
  • भूमि के दस्तावेज (खतौनी) या बटाईदार होने का प्रमाण पत्र।
  • मृत्यु प्रमाण पत्र (मृत्यु की स्थिति में)।
  • दिव्यांगता प्रमाण पत्र (मुख्य चिकित्सा अधिकारी – CMO द्वारा जारी)।
  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट (मृत्यु के कारणों की पुष्टि के लिए)।
  • एफ.आई.आर (FIR) की कॉपी (सड़क दुर्घटना की स्थिति में)।
  • बैंक खाता विवरण (पासबुक की फोटोकॉपी)।
  • पासपोर्ट साइज फोटो।

आवेदन प्रक्रिया (Steps):

  1. पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट (जो फरवरी 2026 में लॉन्च होगी) पर जाएं।
  2. पंजीकरण: ‘नया पंजीकरण’ विकल्प चुनें और आधार नंबर से सत्यापित करें।
  3. फॉर्म भरें: दुर्घटना का विवरण, किसान की जानकारी और नॉमिनी का विवरण भरें।
  4. दस्तावेज अपलोड करें: सभी मांगे गए दस्तावेजों की साफ स्कैन कॉपी अपलोड करें।
  5. सत्यापन: आवेदन सबमिट करने के बाद, यह संबंधित तहसील में एसडीएम (SDM) और लेखपाल के पास सत्यापन के लिए जाएगा।
  6. भुगतान: सत्यापन सफल होने पर राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।

इस योजना का सामाजिक प्रभाव

यह योजना केवल आर्थिक लेन-देन तक सीमित नहीं है। इसका गहरा सामाजिक प्रभाव भी है। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर देखा गया है कि घर के मुखिया की मृत्यु के बाद जमीन जायदाद के झगड़े शुरू हो जाते हैं या विधवा महिलाओं को बेसहारा छोड़ दिया जाता है। चूंकि इस योजना में राशि सीधे कानूनी वारिस या नॉमिनी के खाते में जाती है, इसलिए यह महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की रक्षा भी करती है। यह योजना किसानों को यह अहसास दिलाती है कि सरकार उनके सुख में भले ही शामिल न हो, लेकिन उनके दुख में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।


निष्कर्ष (Conclusion)

अंत में, यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना राज्य के करोड़ों किसानों के लिए एक जीवनरक्षक प्रणाली की तरह काम कर रही है। 2026 में डिजिटलीकरण की तरफ बढ़ता यह कदम न केवल भ्रष्टाचार को खत्म करेगा बल्कि यह सुनिश्चित करेगा कि मदद सही समय पर सही हाथों में पहुंचे। 5 लाख रुपये की यह राशि किसी की जान की कीमत नहीं हो सकती, लेकिन यह उस परिवार को बिखरने से बचाने की ताकत जरूर रखती है।

हमारा सुझाव: अगर आप एक किसान हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपके सभी दस्तावेज, विशेष रूप से खतौनी में आपका नाम और आधार कार्ड, अपडेट रहें। अपने साथी किसानों को भी इस योजना के बारे में जागरूक करें। याद रखें, जागरूकता ही बचाव है।


लोग यह भी पूछते हैं (FAQs)

Q1. मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत कितनी राशि मिलती है?

इस योजना के अंतर्गत, यदि किसान की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है या वह स्थायी रूप से दिव्यांग हो जाता है, तो उसके परिवार को 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। आंशिक दिव्यांगता की स्थिति में, विकलांगता के प्रतिशत के आधार पर 2 लाख से 4 लाख रुपये तक की राशि दी जा सकती है।

Q2. क्या बटाईदार या भूमिहीन किसान इस योजना का लाभ ले सकते हैं?

जी हाँ, बिल्कुल। योगी सरकार ने वर्ष 2023-24 में नियमों में बदलाव करते हुए भूमिहीन किसानों, बटाईदारों और पट्टे पर खेती करने वाले किसानों को भी इस योजना में शामिल कर लिया है। अब वे भी भू-स्वामी किसानों की तरह ही समान लाभ प्राप्त करने के पात्र हैं, बशर्ते वे उत्तर प्रदेश के निवासी हों।

Q3. योजना के लिए आवेदन करने की समय सीमा क्या है?

नियमों के अनुसार, दुर्घटना होने के 45 दिनों के भीतर आवेदन करना अनिवार्य होता है। हालांकि, विशेष परिस्थितियों में यदि जिला अधिकारी (DM) संतुष्ट हों कि देरी का कारण उचित था, तो इस अवधि को 1 महीने तक और बढ़ाया जा सकता है। इसलिए सलाह दी जाती है कि जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया शुरू करें।

Q4. आवेदन करने के लिए कौन से मुख्य दस्तावेजों की आवश्यकता होती है?

आवेदन के लिए आपको किसान और नॉमिनी का आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक, मृत्यु प्रमाण पत्र (मृत्यु की दशा में) या दिव्यांगता प्रमाण पत्र, एफआईआर की कॉपी (दुर्घटना के प्रकार पर निर्भर), और भूमि के दस्तावेज या ग्राम प्रधान द्वारा सत्यापित बटाईदार प्रमाण पत्र की आवश्यकता होगी।

Q5. योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसान की आयु सीमा क्या होनी चाहिए?

इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसान की आयु 18 वर्ष से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए। यह आयु सीमा इसलिए निर्धारित की गई है क्योंकि इसे ही मुख्य रूप से कार्यशील आयु (working age) माना जाता है, जिस दौरान व्यक्ति खेती-किसानी में सक्रिय रूप से भाग लेता है।


अपना ज्ञान परखें (Interactive Knowledge Check)

Q1. मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की शुरुआत किस वर्ष में की गई थी?

  • A) 2017
  • B) 2019
  • C) 2022
  • D) 2024
    • सही उत्तर: B) 2019

Q2. दुर्घटना में मृत्यु होने पर अधिकतम कितनी सहायता राशि दी जाती है?

  • A) 2 लाख रुपये
  • B) 3 लाख रुपये
  • C) 5 लाख रुपये
  • D) 10 लाख रुपये
    • सही उत्तर: C) 5 लाख रुपये

Q3. फरवरी 2026 से इस योजना में क्या बड़ा बदलाव होने जा रहा है?

  • A) राशि बढ़ाई जाएगी
  • B) केवल महिलाओं को लाभ मिलेगा
  • C) पूर्ण डिजिटलीकरण और ऑनलाइन पोर्टल
  • D) योजना बंद हो जाएगी
    • सही उत्तर: C) पूर्ण डिजिटलीकरण और ऑनलाइन पोर्टल

Q4. क्या इस योजना का लाभ भूमिहीन किसानों को मिलता है?

  • A) नहीं, कभी नहीं
  • B) हाँ, 2023-24 से शामिल किया गया
  • C) केवल अगर उनके पास ट्रैक्टर हो
  • D) केवल मनरेगा मजदूरों को
    • सही उत्तर: B) हाँ, 2023-24 से शामिल किया गया

Q5. वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक कितने किसानों को लाभ दिया जा चुका है?

  • A) 5,000
  • B) 10,500
  • C) 18,145
  • D) 50,000
    • सही उत्तर: C) 18,145

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