Nursery Subsidy 2026: नर्सरी लगाओ, ₹10 लाख पाओ! सरकार की इस योजना से रातों-रात बदलेगी किस्मत Apply Online
क्या आप खेती में कम मुनाफे से परेशान हैं? क्या आप भी चाहते हैं कि आपकी खाली पड़ी जमीन आपको लाखों की कमाई करके दे? तो यह खबर आपके लिए किसी लॉटरी से कम नहीं है! अक्सर किसान भाई पारंपरिक खेती (गेहूं-धान) में ही उलझे रहते हैं, जहाँ लागत ज्यादा और मुनाफा नाममात्र का होता है। लेकिन अब बिहार सरकार (Bihar Government) ने किसानों की इस ‘पेन पॉइंट’ को समझा है और एक धमाकेदार योजना शुरू की है। एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) के तहत अब आप अपनी जमीन पर नर्सरी लगाकर ₹10 लाख तक की भारी-भरकम सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं। इस आर्टिकल में, हम आपको बताएंगे कि कैसे आप इस योजना का लाभ उठाकर अपने खेती के बिजनेस को एक नई उड़ान दे सकते हैं। चलिए, जानते हैं कमाई का यह नया फॉर्मूला!
1. क्या है ‘छोटी नर्सरी योजना’? (What is the Small Nursery Scheme?)
सरकार का उद्देश्य साफ है – ‘हरित बिहार, समृद्ध किसान’। इस मिशन के तहत, सरकार चाहती है कि राज्य में फलदार, छायादार और औषधीय पौधों का उत्पादन बढ़े। इसके लिए एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) के अंतर्गत छोटी नर्सरी योजना (Choti Nursery Yojana) को बढ़ावा दिया जा रहा है।
साधारण शब्दों में समझें तो, यदि आपके पास थोड़ी भी जमीन है, तो आप वहां पौधों की नर्सरी (Plant Nursery) तैयार कर सकते हैं। सरकार न केवल आपको तकनीक सिखाएगी, बल्कि नर्सरी स्थापित करने में होने वाले खर्च का 50% हिस्सा सीधे आपके बैंक खाते में भेजेगी। यह योजना बेरोजगार युवाओं और ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार का एक सुनहरा अवसर है।

2. सब्सिडी का गणित: ₹10 लाख कैसे मिलेंगे? (Subsidy Breakdown)
इस योजना की सबसे खास बात इसका वित्तीय ढांचा (Financial Structure) है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
- बड़ी नर्सरी (1 हेक्टेयर): यदि आप 1 हेक्टेयर (लगभग 2.5 एकड़) जमीन में नर्सरी लगाते हैं, तो सरकार ने इसकी अनुमानित लागत ₹20 लाख तय की है। इसमें आपको 50% यानी ₹10 लाख की सब्सिडी मिलेगी।
- छोटी नर्सरी (0.5 हेक्टेयर): यदि आप छोटे स्तर पर (0.5 हेक्टेयर) शुरुआत करते हैं, तो अनुमानित लागत ₹10 लाख मानी जाती है, जिस पर आपको ₹5 लाख की सब्सिडी मिलेगी।
- मिनी नर्सरी: जिनके पास जमीन बहुत कम है (5-10 डिसमिल), वे भी छोटी शुरुआत कर सकते हैं, हालांकि 10 लाख वाली बड़ी सब्सिडी के लिए मानक क्षेत्रफल (Area Norms) पूरा करना जरूरी है।
ध्यान दें: सब्सिडी की राशि दो किस्तों में मिलती है – पहली किस्त (60%) काम शुरू करने पर और दूसरी किस्त (40%) पौधों के तैयार होने और सत्यापन (Verification) के बाद।
3. पात्रता और जरूरी शर्तें (Eligibility Criteria)
इस “जैकपॉट” योजना का लाभ उठाने के लिए आपको कुछ बुनियादी शर्तें पूरी करनी होंगी:
- आवेदक बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- किसान के पास डीबीटी (DBT) पंजीकरण संख्या होनी अनिवार्य है।
- नर्सरी के लिए प्रस्तावित जमीन सड़क किनारे होनी चाहिए ताकि पौधों का परिवहन आसान हो।
- जमीन पर सिंचाई की समुचित व्यवस्था (जैसे बोरिंग या कुआं) होनी चाहिए।
- जमीन जल-जमाव (Water Logging) से मुक्त होनी चाहिए।
4. आवेदन के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज (Required Documents List)
आवेदन करने से पहले इन कागजातों की फाइल तैयार कर लें:
- अद्यतन भू-लगान रसीद (Land Receipt) या एलपीसी (LPC)।
- आधार कार्ड (Aadhar Card)।
- बैंक पासबुक की फोटोकॉपी (Bank Passbook)।
- जमीन का नक्शा और फोटो।
- शपथ पत्र (Affidavit) – कि आप नर्सरी का रखरखाव कम से कम 3-5 साल तक करेंगे।
- पासपोर्ट साइज फोटो।
5. आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Application Process)
तकनीक के इस दौर में आपको दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। आप घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं:
- सबसे पहले बिहार सरकार के उद्यान निदेशालय (Horticulture Directorate) की आधिकारिक वेबसाइट
horticulture.bihar.gov.inपर जाएं। - होम पेज पर “Schemes” सेक्शन में जाएं और “Choti Nursery” या “Nursery Establishment” के लिंक पर क्लिक करें।
- अपना DBT रजिस्ट्रेशन नंबर डालें।
- मांगी गई सभी जानकारी (नाम, पता, जमीन का विवरण) सही-सही भरें।
- अपने दस्तावेज (जमीन के कागज, फोटो, आदि) स्कैन करके अपलोड करें।
- फॉर्म सबमिट करें और रसीद (Acknowledgment Slip) का प्रिंट आउट निकाल लें।
- बाद में, जिला उद्यान पदाधिकारी (District Horticulture Officer) आपके खेत का निरीक्षण करेंगे और मंजूरी देंगे।
Data Visualization: पारंपरिक खेती बनाम नर्सरी बिजनेस
नीचे दी गई तालिका से समझें कि क्यों नर्सरी बिजनेस एक बेहतर विकल्प है:
| पैरामीटर (Parameter) | पारंपरिक खेती (गेहूं/धान) | नर्सरी बिजनेस (Horticulture Nursery) |
| लागत (Investment) | मध्यम (बीज, खाद, पानी) | मध्यम से उच्च (लेकिन 50% सब्सिडी उपलब्ध) |
| सरकारी मदद (Govt Support) | न्यूनतम (MSP पर निर्भर) | बहुत ज्यादा (₹10 लाख तक अनुदान) |
| मुनाफा (Profit Margin) | कम (मौसम की मार का जोखिम) | बहुत अधिक (High ROI) |
| मार्केट डिमांड (Demand) | स्थिर (Saturated Market) | बढ़ती हुई (पर्यावरण जागरूकता के कारण) |
| समय (Duration) | 4-6 महीने प्रति फसल | साल भर कमाई (Perennial Income) |
Conclusion: सफलता की ओर एक कदम
निष्कर्षतः, बिहार छोटी नर्सरी योजना 2026 केवल एक सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि किसानों के लिए अपनी तकदीर बदलने का एक मौका है। जहाँ पारंपरिक खेती में लागत निकालना मुश्किल हो रहा है, वहीं ₹10 लाख की सब्सिडी के साथ नर्सरी का बिजनेस आपको ‘एग्री-प्रेन्योर’ (Agri-Preneur) बना सकता है। अगर आपके पास जमीन है और कुछ नया करने का जज्बा है, तो देर न करें। आज ही आवेदन करें और अपने खेतों में समृद्धि के नए बीज बोएं। याद रखें, अवसर बार-बार दरवाजा नहीं खटखटाते!
क्या आप भी इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं? अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र या उद्यान विभाग से संपर्क करें, या नीचे कमेंट बॉक्स में अपना सवाल पूछें!
People Also Ask (FAQs)
Q1. नर्सरी योजना में मुझे कितनी सब्सिडी मिल सकती है?
Ans: इस योजना के तहत सब्सिडी की राशि आपके प्रोजेक्ट की लागत और जमीन के आकार पर निर्भर करती है। सामान्यतः, 1 हेक्टेयर की नर्सरी के लिए ₹20 लाख की लागत पर आपको 50% यानी ₹10 लाख तक की सब्सिडी मिल सकती है। छोटी यूनिट्स (0.5 हेक्टेयर) के लिए यह राशि ₹5 लाख तक हो सकती है।
Q2. क्या मैं अपनी पुश्तैनी जमीन पर नर्सरी खोल सकता हूँ?
Ans: जी हाँ, आप बिल्कुल अपनी पुश्तैनी जमीन पर नर्सरी खोल सकते हैं। इसके लिए आपको वंशावली (Genealogy Certificate) और जमीन के अद्यतन कागज (LPC/रसीद) जमा करने होंगे। यदि जमीन आपके नाम पर नहीं है, तो आपको अपने परिवार के सदस्यों से ‘अनापत्ति प्रमाण पत्र’ (NOC) की आवश्यकता हो सकती है।
Q3. नर्सरी शुरू करने के लिए न्यूनतम कितनी जमीन चाहिए?
Ans: पूर्ण सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए मानक दिशा-निर्देशों के अनुसार 0.5 हेक्टेयर से 1 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता होती है। हालांकि, कुछ विशेष घटकों में छोटे स्तर (5-10 डिसमिल) पर भी ‘किचन गार्डन’ या मिनी नर्सरी के लिए आवेदन किया जा सकता है, लेकिन ₹10 लाख की सब्सिडी बड़ी यूनिट्स के लिए है।
Q4. आवेदन करने की अंतिम तिथि क्या है?
Ans: आवेदन की तिथि हर साल वित्तीय वर्ष (Financial Year) के अनुसार बदलती रहती है। आमतौर पर, MIDH और राज्य योजनाओं के लिए आवेदन जून से अगस्त के बीच शुरू होते हैं और लक्ष्य पूरा होने तक चलते हैं। सटीक तारीख के लिए horticulture.bihar.gov.in पर नियमित विजिट करें।
Q5. सब्सिडी का पैसा कब और कैसे मिलता है?
Ans: सब्सिडी का पैसा डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे आपके बैंक खाते में आता है। यह राशि आमतौर पर दो किस्तों में दी जाती है। पहली किस्त (60%) नर्सरी का बुनियादी ढांचा तैयार करने के बाद और दूसरी किस्त (40%) पौधों के सफल उत्पादन और भौतिक सत्यापन के बाद जारी की जाती है।
Interactive Knowledge Check (MCQ Quiz)
Q1. नर्सरी स्थापना योजना के तहत सरकार कितना प्रतिशत अनुदान देती है?
- A. 25%
- B. 40%
- C. 50%
- D. 75%
- Correct Answer: C. 50%
Q2. 1 हेक्टेयर नर्सरी की अनुमानित लागत सरकार द्वारा कितनी तय की गई है?
- A. ₹10 लाख
- B. ₹15 लाख
- C. ₹20 लाख
- D. ₹25 लाख
- Correct Answer: C. ₹20 लाख
Q3. आवेदन के लिए कौन सा डॉक्यूमेंट सबसे अनिवार्य है?
- A. ड्राइविंग लाइसेंस
- B. एलपीसी (LPC) / जमीन की रसीद
- C. 10वीं की मार्कशीट
- D. बिजली बिल
- Correct Answer: B. एलपीसी (LPC) / जमीन की रसीद
Q4. यह योजना किस मिशन के अंतर्गत आती है?
- A. मनरेगा (MNREGA)
- B. प्रधानमंत्री आवास योजना
- C. एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH)
- D. किसान सम्मान निधि
- Correct Answer: C. एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH)
Q5. आवेदन करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट कौन सी है?
- A. agriculture.bihar.gov.in
- B. horticulture.bihar.gov.in
- C. pmkisan.gov.in
- D. epds.bihar.gov.in
- Correct Answer: B. horticulture.bihar.gov.in
