MP Power Tiller Subsidy 2026: किसानों को मिलेगा 55% अनुदान, जानिए आवेदन की पूरी प्रक्रिया और पात्रता
MP Power Tiller Subsidy 2026: क्या आप एक छोटे किसान हैं और महंगे ट्रैक्टर या किराए की मशीनों का खर्च उठा-उठाकर थक चुके हैं? खेती की बढ़ती लागत और डीजल के आसमान छूते दाम क्या आपकी रातों की नींद उड़ा रहे हैं? चिंता न करें, क्योंकि अब आपकी किस्मत बदलने वाली है! मध्य प्रदेश सरकार ने छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक ऐसी योजना शुरू की है जो न केवल आपकी जेब पर बोझ कम करेगी, बल्कि आपकी खेती को भी मुनाफे के सौदे में बदल देगी।
इस लेख में, हम आपको पावर टिलर सब्सिडी योजना 2026 के बारे में विस्तार से बताएंगे। आप जानेंगे कि कैसे आप इस जादुई मशीन पर 55% तक की भारी छूट (Subsidy) प्राप्त कर सकते हैं। हम आपको पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और इससे होने वाले मुनाफे का पूरा गणित समझाएंगे। अगर आप भी खेती में आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं, तो इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें—क्योंकि यह जानकारी आपकी खेती की तस्वीर बदल सकती है!
पावर टिलर आखिर क्यों है जरूरी?
भारत में आज भी एक बहुत बड़ा वर्ग उन किसानों का है जिनके पास 2 से 3 एकड़ या उससे भी कम जमीन है। ऐसे में 5-6 लाख रुपये का बड़ा ट्रैक्टर खरीदना न तो संभव है और न ही आर्थिक रूप से समझदारी। यहीं पर पावर टिलर एक मसीहा बनकर आता है। इसे “वॉकिंग ट्रैक्टर” भी कहा जाता है। यह आकार में छोटा जरूर है, लेकिन इसके काम बड़े-बड़े ट्रैक्टरों को भी मात देते हैं।
सरकार का मुख्य उद्देश्य खेती को मशीनीकृत (Mechanized) बनाना है। जब एक छोटा किसान पावर टिलर का उपयोग करता है, तो उसकी निर्भरता दूसरों पर खत्म हो जाती है। उसे जुताई के लिए किसी और के ट्रैक्टर का इंतजार नहीं करना पड़ता, जिससे समय पर बुवाई होती है और फसल की पैदावार अच्छी होती है।

मल्टी-टास्किंग मशीन: एक मशीन, अनेक काम
पावर टिलर सिर्फ जुताई तक सीमित नहीं है। यह एक बहुउद्देशीय (Multi-purpose) कृषि यंत्र है।
- जुताई और बुवाई: यह खेत की गहरी जुताई और बीजों की बुवाई आसानी से कर सकता है।
- खरपतवार नियंत्रण: निराई-गुड़ाई के लिए यह सबसे सस्ता साधन है।
- कीटनाशक छिड़काव: इसमें स्प्रेयर जोड़कर आप पूरी फसल में दवा छिड़क सकते हैं।
- फसल कटाई: रीपर अटैचमेंट के साथ यह कटाई भी कर सकता है।
- परिवहन: ट्राली जोड़कर इसे छोटे-मोटे सामान ढोने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
सबसे बड़ी बात, यह डीजल की खपत बहुत कम करता है, जिससे आपकी खेती की लागत (Input Cost) सीधे तौर पर कम हो जाती है।
3. सब्सिडी का पूरा गणित: किसे और कितना मिलेगा लाभ?
मध्य प्रदेश सरकार के उद्यानिकी विभाग ने इस योजना को बहुत ही सोच-समझकर डिजाइन किया है ताकि सबसे ज्यादा जरूरतमंद किसानों को इसका लाभ मिले। सब्सिडी को दो श्रेणियों में बांटा गया है:
श्रेणी 1: छोटे और सीमांत किसान (5 एकड़ से कम जमीन)
अगर आपके पास कृषि भूमि 5 एकड़ से कम है, तो सरकार आपको सबसे ज्यादा प्राथमिकता दे रही है। आपको पावर टिलर की कुल लागत पर 55% तक की सब्सिडी मिलेगी। इसका मतलब है कि अगर मशीन की कीमत 1 लाख रुपये है, तो आपको 55 हजार रुपये सरकार देगी।
श्रेणी 2: अन्य किसान (5 एकड़ से अधिक जमीन)
जिन किसानों के पास 5 एकड़ से ज्यादा जमीन है, उन्हें भी निराश होने की जरूरत नहीं है। सरकार उन्हें 45% तक का अनुदान दे रही है। यह भी एक बहुत बड़ी राहत है जो बड़े किसानों को तकनीकी रूप से उन्नत बनाने में मदद करेगी।
अधिकतम अनुदान राशि
सरकार ने अनुदान की एक अधिकतम सीमा भी तय की है। एक किसान को अधिकतम 80,000 रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है। पावर टिलर की बाजार कीमत आमतौर पर 70,000 रुपये से शुरू होकर 1.5 लाख रुपये तक होती है, इसलिए यह सब्सिडी राशि मशीन की लागत का एक बड़ा हिस्सा कवर कर लेती है।
तुलनात्मक विश्लेषण (Comparison Table)
नीचे दी गई तालिका से समझें कि यह योजना आपके लिए कितनी फायदेमंद है:
| विवरण | छोटे/सीमांत किसान (5 एकड़ से कम) | बड़े किसान (5 एकड़ से अधिक) |
| सब्सिडी प्रतिशत | 55% | 45% |
| अधिकतम अनुदान राशि | ₹80,000 तक | ₹80,000 तक |
| मशीन की अनुमानित कीमत | ₹1,00,000 (उदाहरण) | ₹1,00,000 (उदाहरण) |
| आपको चुकाना होगा | मात्र ₹45,000 | मात्र ₹55,000 |
| लाभ | लागत आधी से भी कम | भारी बचत |
4. पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आपको निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होगा। ध्यान दें, अपात्र होने पर आवेदन रद्द हो सकता है:
- मूल निवासी: आवेदक किसान को मध्य प्रदेश का स्थाई निवासी होना अनिवार्य है।
- भूमि का स्वामित्व: किसान के नाम पर वैध कृषि भूमि होनी चाहिए।
- पहचान प्रमाण: आपके पास आधार कार्ड और समग्र आईडी (Samagra ID) होना जरूरी है।
- बैंक खाता: आपका बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए (DBT के लिए)।
- पूर्व लाभ: आपने पिछले कुछ वर्षों में (विभागीय नियमानुसार) पावर टिलर पर किसी अन्य योजना के तहत सब्सिडी का लाभ न लिया हो।
- पंजीकरण: किसान का सरकारी पोर्टल पर पंजीकरण होना आवश्यक है।
5. आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Application Process)
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन और पारदर्शी है। नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें:
- चरण 1: पोर्टल पर जाएंसबसे पहले आपको मध्य प्रदेश कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल mpfsts.mp.gov.in पर जाना होगा। यह आधिकारिक वेबसाइट है जहां से सभी कृषि यंत्रों के लिए आवेदन होते हैं।
- चरण 2: आधार ऑथेंटिकेशनवेबसाइट पर ‘कृषि यंत्र आवेदन’ सेक्शन में जाएं। वहां अपना आधार नंबर या मोबाइल नंबर दर्ज करके खुद को सत्यापित करें।
- चरण 3: योजना का चुनावलॉगिन करने के बाद, उपलब्ध योजनाओं की सूची में से “पावर टिलर सब्सिडी योजना” का चयन करें।
- चरण 4: जानकारी भरेंआवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी जैसे—जिला, ब्लॉक, ग्राम, खसरा नंबर आदि सही-सही भरें। अपने दस्तावेज (आधार, जमीन के कागज, पासबुक) की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
- चरण 5: लॉटरी सिस्टमआवेदन जमा करने के बाद, विभाग द्वारा एक निश्चित तारीख पर लॉटरी निकाली जाती है। यह पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड होती है ताकि किसी के साथ भेदभाव न हो।
- चरण 6: डीलर का चयन और खरीदअगर आपका नाम लॉटरी में आता है, तो आपको सूचित किया जाएगा। इसके बाद आप अपनी पसंद के किसी भी अधिकृत (Authorized) डीलर से पावर टिलर खरीद सकते हैं। बिल और दस्तावेजों को पोर्टल पर अपलोड करने के बाद, सब्सिडी की राशि सीधे आपके बैंक खाते में आ जाएगी।
6. निष्कर्ष (Conclusion)
खेती में मुनाफा तभी संभव है जब लागत कम हो और उत्पादन ज्यादा। पावर टिलर सब्सिडी योजना मध्य प्रदेश के किसानों के लिए एक वरदान समान है। 55% की भारी छूट के साथ, यह मशीन न केवल आपकी मेहनत बचाएगी बल्कि डीजल के खर्च में भी भारी कटौती करेगी। आज ही अपने दस्तावेज तैयार करें और आवेदन की तारीखों पर नजर रखें। याद रखें, आत्मनिर्भर किसान ही सशक्त भारत की नींव है। इस मौके को हाथ से न जाने दें, क्योंकि ऐसे अवसर बार-बार नहीं आते!
7. लोग यह भी पूछते हैं (FAQs)
Q1. पावर टिलर पर अधिकतम कितनी सब्सिडी मिल सकती है?
पावर टिलर पर अधिकतम 80,000 रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान है। प्रतिशत के हिसाब से देखें तो, 5 एकड़ से कम जमीन वाले किसानों को 55% और 5 एकड़ से अधिक जमीन वाले किसानों को 45% अनुदान मिलता है। यह राशि सीधे किसान के खाते में आती है।
Q2. क्या मैं पावर टिलर किसी भी दुकान से खरीद सकता हूं?
जी नहीं, आप किसी भी दुकान से मशीन नहीं खरीद सकते। सब्सिडी का लाभ लेने के लिए आपको कृषि विभाग द्वारा पंजीकृत और अधिकृत डीलरों (Authorized Dealers) से ही पावर टिलर खरीदना होगा। अधिकृत डीलरों की सूची आपको विभागीय पोर्टल पर मिल जाएगी।
Q3. पावर टिलर और ट्रैक्टर में क्या अंतर है?
पावर टिलर एक “वॉकिंग ट्रैक्टर” है जिसे हाथों से नियंत्रित किया जाता है और यह छोटे खेतों (2-3 एकड़) के लिए उपयुक्त है। यह सस्ता है और कम डीजल खाता है। वहीं, ट्रैक्टर बड़े खेतों और भारी कार्यों के लिए होता है, लेकिन इसकी कीमत और रखरखाव का खर्च बहुत ज्यादा होता है।
Q4. आवेदन करने के लिए कौन से दस्तावेजों की आवश्यकता है?
मुख्य रूप से आपको आधार कार्ड, समग्र आईडी, जमीन की खतौनी (B-1/P-2), बैंक पासबुक (आधार लिंक), और एक पासपोर्ट साइज फोटो की आवश्यकता होगी। यदि आप अनुसूचित जाति/जनजाति श्रेणी से हैं, तो जाति प्रमाण पत्र भी लग सकता है।
Q5. क्या दूसरे राज्य के किसान इस योजना का लाभ ले सकते हैं?
नहीं, यह विशिष्ट योजना वर्तमान में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा संचालित है, इसलिए केवल मध्य प्रदेश के मूल निवासी किसान ही इसके पात्र हैं। हालांकि, अन्य राज्य सरकारें भी अपने स्तर पर कृषि यंत्रों पर सब्सिडी देती हैं, जिसके लिए आपको अपने राज्य के कृषि विभाग से संपर्क करना होगा।
8. अपना ज्ञान परखें (Interactive MCQ Quiz)
Q1. मध्य प्रदेश में 5 एकड़ से कम भूमि वाले किसानों को पावर टिलर पर कितनी सब्सिडी मिलती है?
A. 25%
B. 45%
C. 55%
D. 75%
सही उत्तर: C. 55%
Q2. पावर टिलर सब्सिडी योजना के लिए आवेदन किस वेबसाइट पर करना होता है?
A. pmkisan.gov.in
B. mpfsts.mp.gov.in
C. mponline.gov.in
D. agriup.in
सही उत्तर: B. mpfsts.mp.gov.in
Q3. पावर टिलर सब्सिडी की अधिकतम राशि क्या है?
A. ₹50,000
B. ₹60,000
C. ₹80,000
D. ₹1,00,000
सही उत्तर: C. ₹80,000
Q4. पावर टिलर को अन्य किस नाम से जाना जाता है?
A. मिनी हार्वेस्टर
B. वॉकिंग ट्रैक्टर
C. सुपर सीडर
D. रोटावेटर
सही उत्तर: B. वॉकिंग ट्रैक्टर
Q5. सब्सिडी की राशि किसान को किस माध्यम से प्राप्त होती है?
A. नकद (Cash)
B. चेक द्वारा
C. डीलर के माध्यम से
D. सीधे बैंक खाते में (DBT)
सही उत्तर: D. सीधे बैंक खाते में (DBT)
