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| हरियाणा किसान कर्ज माफी 2025: ₹2266 करोड़ का ब्याज माफ – लिस्ट और आवेदन प्रक्रिया देखें |
हरियाणा सरकार ने किया ₹2266 करोड़ का ब्याज माफ, 6.81 लाख किसानों को मिली नई जिंदगी
क्या आप हरियाणा के एक मेहनती किसान हैं जो कर्ज के बढ़ते बोझ और ब्याज के कुचक्र में फंसे हुए हैं? क्या पैक्स (PACS) का पुराना बकाया आपकी रातों की नींद हराम कर रहा है? अगर हाँ, तो यह खबर आपके लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। हरियाणा सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए किसानों के लिए खजाने का मुंह खोल दिया है।
इस लेख में, हम आपको विस्तार से बताएंगे कि कैसे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ₹2266 करोड़ के ब्याज माफी की घोषणा करके लाखों परिवारों को बड़ी राहत दी है। हम समझेंगे कि इस “एकमुश्त निपटान योजना” (One Time Settlement Scheme) का लाभ आप कैसे उठा सकते हैं, इसकी समय सीमा क्या है, और सबसे महत्वपूर्ण बात—पुराना कर्ज चुकाने के बाद आपको नया लोन कैसे मिलेगा। अंत तक पढ़ें, क्योंकि यह जानकारी आपकी आर्थिक स्थिति को पूरी तरह बदल सकती है।
हरियाणा के किसानों के लिए ऐतिहासिक सौगात: एकमुश्त निपटान योजना
हरियाणा के कृषि इतिहास में 10 दिसंबर का दिन सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। राज्य सरकार ने किसानों की आर्थिक रीढ़ को मजबूत करने के लिए एक अभूतपूर्व फैसला लिया है। प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS) से जुड़े किसानों के लिए सरकार ने एकमुश्त निपटान योजना (One Time Settlement – OTS) लागू कर दी है।
इस योजना का सीधा उद्देश्य उन किसानों को मुख्य धारा में वापस लाना है जो ब्याज के भारी बोझ के कारण अपनी मूल रकम (Principal Amount) भी नहीं चुका पा रहे थे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक घोषणा नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर किसानों को सशक्त बनाने का एक मिशन है।
योजना का गणित: 6.81 लाख किसानों को सीधा फायदा
आंकड़े गवाह हैं कि यह योजना कितनी व्यापक है। सरकार के इस फैसले से सीधे तौर पर 6,81,182 किसानों और खेतिहर मजदूरों को लाभ मिलेगा। यह वे लोग हैं जिन्होंने खेती, दुकानदारी या अन्य कार्यों के लिए पैक्स से ऋण लिया था, लेकिन समय पर न चुका पाने के कारण डिफॉल्टर की श्रेणी में आ गए थे।
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| हरियाणा किसान कर्ज माफी 2025: ₹2266 करोड़ का ब्याज माफ – लिस्ट और आवेदन प्रक्रिया देखें |
मुख्य प्रावधान क्या हैं?
अगर कोई किसान अपनी मूल राशि (Principal Amount) जमा करवा देता है, तो उसका पूरा ब्याज (100% Interest) माफ कर दिया जाएगा।
यह योजना 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगी, यानी किसानों के पास अपनी व्यवस्था करने के लिए पर्याप्त समय है।
यह योजना उन ऋणों पर लागू होगी जो 30 सितंबर 2024 तक “अतिदेय” (Overdue) हो चुके हैं।
मृत किसानों के परिवारों के लिए संवेदनशीलता
अक्सर देखा जाता है कि कर्ज का बोझ न केवल किसान पर, बल्कि उसकी मृत्यु के बाद उसके परिवार पर भी आ जाता है। हरियाणा सरकार ने इस मानवीय पहलू को बहुत गंभीरता से लिया है।
योजना में विशेष प्रावधान के तहत, लगभग 2.25 लाख मृत किसानों के परिवारों को शामिल किया गया है। इन परिवारों के लिए सरकार ने अलग से 900 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। यदि किसी मृत किसान का वारिस (Nominee/Heir) केवल मूल राशि जमा कर देता है, तो उस खाते का पूरा ब्याज माफ कर दिया जाएगा। यह कदम उन विधवाओं और बच्चों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो अपने प्रियजन के जाने के बाद कर्ज के साये में जी रहे थे।
कर्ज मुक्ति के बाद नई शुरुआत: नए ऋण का रास्ता साफ
अक्सर कर्ज माफी योजनाओं में एक कमी रह जाती है—किसान पुराना कर्ज तो चुका देता है, लेकिन उसे नया कर्ज नहीं मिलता। लेकिन, इस योजना की सबसे खास बात इसकी दूरदर्शिता है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया है कि मूल राशि जमा करने के एक महीने बाद ही किसान नए सिरे से ऋण लेने के पात्र हो जाएंगे।
किसान नई फसल के लिए आवेदन कर सकते हैं।
नया ऋण तीन किस्तों में प्रदान किया जाएगा।
इससे किसान आगामी सीजन के लिए खाद, बीज और कीटनाशक आसानी से खरीद सकेंगे।
यह प्रावधान सुनिश्चित करता है कि किसान न केवल कर्ज मुक्त हो, बल्कि अपनी खेती को दोबारा पटरी पर ला सके। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नकदी का प्रवाह (Cash Flow) बढ़ेगा और बाजार में भी रौनक लौटेगी।
तुलनात्मक विश्लेषण: योजना का प्रभाव
नीचे दी गई तालिका के माध्यम से समझें कि यह योजना आपके लिए कैसे फायदेमंद है:
कृषि अर्थव्यवस्था पर दूरगामी प्रभाव
हरियाणा एक कृषि प्रधान राज्य है। जब 2266 करोड़ रुपये का ब्याज माफ होता है, तो यह पैसा सीधे तौर पर किसानों की जेब में बचता है। इस बचत का उपयोग किसान अपने बच्चों की शिक्षा, घर की मरम्मत या कृषि यंत्रों (जैसे रोटावेटर, सुपर सीडर) की खरीद में कर सकते हैं।
इसके अलावा, सरकार का यह कदम प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे किसानों के लिए भी एक ढाल का काम करेगा। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई करने में यह आर्थिक छूट बहुत मददगार साबित होगी। पैक्स समितियां, जो ग्रामीण ऋण वितरण की धुरी हैं, उनकी भी वित्तीय स्थिति सुधरेगी क्योंकि फंसा हुआ मूल धन वापस आएगा, जिसे वे फिर से अन्य किसानों को उधार दे सकेंगे।
आवेदन कैसे करें? (प्रक्रिया)
योजना का लाभ उठाने के लिए आपको जटिल कागजी कार्रवाई में उलझने की जरूरत नहीं है:
अपने नजदीकी पैक्स (PACS) कार्यालय में जाएं।
सचिव से अपने खाते की ‘लेजर’ (खाता बही) चेक करवाएं और कुल मूल राशि (Principal) का पता लगाएं।
योजना के तहत निर्धारित फॉर्म भरें।
मूल राशि जमा करवाएं और ‘नो ड्यूज सर्टिफिकेट’ (No Dues Certificate) प्राप्त करें।
Conclusion (निष्कर्ष):
अंत में, हरियाणा सरकार का ₹2266 करोड़ का ब्याज माफ करने का निर्णय केवल एक चुनावी वादा नहीं, बल्कि अन्नदाता के प्रति सम्मान का प्रतीक है। यह योजना उन 6.81 लाख परिवारों के लिए एक नई सुबह लेकर आई है जो कर्ज के अंधेरे में जी रहे थे। यदि आप या आपके परिचित इस योजना के दायरे में आते हैं, तो 31 मार्च 2026 का इंतजार न करें। जल्द से जल्द अपनी मूल राशि जमा करें और ब्याज मुफ़्त होकर, नए सिरे से अपनी खेती को उन्नत बनाएं। याद रखें, एक सशक्त किसान ही एक सशक्त राष्ट्र की नींव है।
अभी अपने पैक्स केंद्र पर जाएं और इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं!
People Also Ask (FAQs):
Q1. हरियाणा ब्याज माफी योजना 2025 की अंतिम तिथि क्या है?
इस एकमुश्त निपटान योजना (OTS) का लाभ उठाने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 तय की गई है। हालांकि, किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम समय की भीड़ से बचने और नए ऋण का लाभ जल्दी लेने के लिए जल्द से जल्द आवेदन करें।
Q2. क्या मृत किसान के परिवार को पूरा कर्ज चुकाना होगा?
नहीं, मृत किसान के परिवार को पूरा कर्ज (मूल + ब्याज) नहीं चुकाना है। उन्हें केवल मूल राशि (Principal Amount) जमा करनी होगी। सरकार ने मृत किसानों के परिवारों के लिए ब्याज माफी हेतु 900 करोड़ रुपये का विशेष फंड रखा है।
Q3. ब्याज माफी के बाद नया लोन कब मिल सकता है?
योजना के नियमों के अनुसार, जैसे ही आप अपनी पुरानी मूल राशि का भुगतान कर देते हैं, उसके ठीक एक महीने बाद आप नई फसल के लिए ऋण लेने के पात्र हो जाते हैं। यह नया ऋण आपको तीन आसान किस्तों में दिया जाएगा।
Q4. इस योजना के तहत किन किसानों का कर्ज माफ होगा?
इस योजना का लाभ उन किसानों और मजदूरों को मिलेगा जिन्होंने प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS) से ऋण लिया था और जिनका ऋण 30 सितंबर 2024 तक ‘अतिदेय’ (Overdue) हो चुका है। इसमें फसली ऋण और अन्य छोटे ऋण शामिल हैं।
Q5. मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरा कितना ब्याज माफ हुआ है?
इसके लिए आपको अपनी संबंधित पैक्स समिति (PACS Society) के कार्यालय में जाना होगा। वहां अधिकारी आपके खाते की जांच करके आपको बताएंगे कि आपकी मूल राशि कितनी है और योजना के तहत आपको कितनी ब्याज राशि की छूट मिल रही है।
(MCQ Quiz):
Q1. हरियाणा सरकार ने कुल कितनी राशि का ब्याज माफ करने की घोषणा की है?
A. 1000 करोड़ रुपये
B. 2266 करोड़ रुपये
C. 5000 करोड़ रुपये
D. 1500 करोड़ रुपये
Correct Answer: B
Q2. इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को क्या जमा करना होगा?
A. केवल ब्याज
B. मूल राशि और आधा ब्याज
C. केवल मूल राशि (Principal Amount)
D. कुछ भी नहीं
Correct Answer: C
Q3. यह योजना किस तारीख तक लागू रहेगी?
A. 31 दिसंबर 2025
B. 31 मार्च 2026
C. 15 अगस्त 2026
D. 1 जनवरी 2026
Correct Answer: B
Q4. मृत किसानों के परिवारों के लिए सरकार ने कितनी राशि का प्रावधान अलग से किया है?
A. 500 करोड़ रुपये
B. 200 करोड़ रुपये
C. 900 करोड़ रुपये
D. 100 करोड़ रुपये
Correct Answer: C
Q5. मूल राशि जमा करने के कितने समय बाद किसान नया ऋण ले सकते हैं?
A. 1 साल बाद
B. 6 महीने बाद
C. 1 महीने बाद
D. कभी नहीं
Correct Answer: C
