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| महाराष्ट्र कृषि अनुदान 2025: खेत तालाब और यंत्रों पर 100% लाभ – कृषि मंत्री का बड़ा ऐलान! |
महाराष्ट्र के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी: खेत तालाब से लेकर कृषि यंत्रों तक, हर योजना का मिलेगा पूरा लाभ – सरकार का बड़ा ऐलान
क्या आप भी महाराष्ट्र के उन लाखों किसानों में से एक हैं जो सरकारी योजनाओं (Government Schemes) के लाभ का इंतज़ार कर रहे हैं? क्या आपने भी खेत तालाब (Farm Ponds) या कृषि यंत्रों (Agricultural Equipment) के लिए आवेदन किया था, लेकिन अब तक कोई सुध लेने वाला नहीं था? तो अब आपकी चिंताओं के बादल छंटने वाले हैं। खेती-किसानी में अनिश्चितता और आर्थिक तंगी का सामना कर रहे अन्नदाताओं के लिए सरकार ने खज़ाना खोल दिया है।
महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने विधान परिषद में एक ऐसा बयान दिया है, जिसने राज्य के कोने-कोने में उम्मीद की लहर दौड़ दी है। सरकार ने साफ कर दिया है कि पैसे की कमी के कारण किसी भी पात्र किसान को सरकारी अनुदान (Subsidy) से वंचित नहीं रखा जाएगा।
इस विस्तृत लेख में, हम आपको बताएंगे कि सरकार की इस नई घोषणा का आपके लिए क्या मायने है, ‘कृषि समृद्धि योजना’ (Krishi Samriddhi Yojana) के तहत हर साल 5000 करोड़ रुपये कैसे खर्च होंगे, और 47 लाख आवेदनों में से चुने गए 10 लाख पात्र किसानों की सूची में आप अपना स्थान कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं। यह लेख सिर्फ़ एक ख़बर नहीं, बल्कि आपके हक और अधिकार की पूरी जानकारी है।
कृषि मंत्री का बड़ा वादा: “अनुदान के लिए फंड की कोई कमी नहीं”
महाराष्ट्र विधान परिषद का माहौल उस वक्त गरमा गया जब विपक्ष और सत्ता पक्ष के विधायकों ने किसानों की लंबित अर्जियों का मुद्दा उठाया। रणजीतसिंह मोहिते पाटील, संजय खोदके, शशिकांत शिंदे, सदाभाऊ खोत और सतेज पाटिल जैसे दिग्गज नेताओं ने सरकार को घेरते हुए पूछा कि क्या यह सच है कि पिछले चार वर्षों से 48 लाख किसानों के आवेदन धूल फांक रहे हैं?
इस तीखे सवाल का जवाब देते हुए कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने जो कहा, वह हर किसान के लिए राहत भरा था। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में आश्वासन दिया कि “सरकार किसानों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।” चाहे वह खेत में तालाब खुदवाना हो, ट्रैक्टर या अन्य महंगे कृषि यंत्र खरीदना हो, या फिर ड्रिप इरिगेशन (Drip Irrigation) लगवाना हो—हर मद के लिए पर्याप्त बजट मौजूद है। उन्होंने यह भी साफ किया कि अनुदान राशि चरणबद्ध तरीके से (Phased Manner) वितरित की जा रही है और जल्द ही यह पैसा सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंचेगा।
आंकड़ों का खेल: 47 लाख आवेदन और 10 लाख पात्र किसान
यहाँ एक महत्वपूर्ण विश्लेषण (Deep Analysis) की आवश्यकता है। मंत्री महोदय ने बताया कि कुल 47 लाख आवेदनों की जांच (Scrutiny) की गई है। यह एक बहुत बड़ी संख्या है जो दर्शाती है कि राज्य में सरकारी मदद की कितनी भारी मांग है। हालांकि, जांच के बाद इनमें से लगभग 10 लाख किसान ही पात्र (Eligible) पाए गए हैं।
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| महाराष्ट्र कृषि अनुदान 2025: खेत तालाब और यंत्रों पर 100% लाभ – कृषि मंत्री का बड़ा ऐलान! |
यह आंकड़ा दो कहानियाँ कहता है:
सकारात्मक: 10 लाख किसानों को जल्द ही उनका हक मिलने वाला है, जिसके लिए सरकार को लगभग 2,000 करोड़ रुपये की आवश्यकता है और सरकार इसे देने के लिए तैयार है।
चेतावनी: बाकी बचे 37 लाख आवेदन क्यों खारिज हुए? अक्सर दस्तावेजों में कमी, गलत जानकारी, या तकनीकी खामियों की वजह से किसान भाई योजना के लाभ से चूक जाते हैं। इसलिए, यह बेहद जरूरी है कि आप अपनी पात्रता (Eligibility) को बार-बार चेक करें।
‘कृषि समृद्धि योजना’: 25,000 करोड़ का महा-प्लान
इस पूरे घटनाक्रम में जो सबसे बड़ी ख़बर निकलकर आई, वह है ‘कृषि समृद्धि योजना’ (Krishi Samriddhi Yojana) का खाका। यह केवल एक सामान्य योजना नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र की खेती की तस्वीर बदलने वाला एक विजन डॉक्यूमेंट है। 29 अप्रैल 2025 को हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई थी, और अब इसके कार्यान्वयन की बारीकियों पर मुहर लग चुकी है।
हर साल 5,000 करोड़ रुपये का निवेश
सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 से अगले पांच वर्षों के लिए कुल 25,000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। यानी हर साल कृषि क्षेत्र में 5,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। यह राशि कहाँ खर्च होगी? आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
किसानों की आय बढ़ाना (Increasing Farmers’ Income): इसका सीधा लक्ष्य फसल की लागत को कम करके मुनाफे को बढ़ाना है।
जलवायु अनुकूल खेती (Climate Resilient Farming): महाराष्ट्र में मौसम की मार, कभी सूखा तो कभी अतिवृष्टि, एक आम समस्या है। इस फंड का उपयोग ऐसी तकनीकों को बढ़ावा देने में होगा जो जलवायु परिवर्तन का सामना कर सकें।
जैविक खेती (Organic Farming): रसायनों के दुष्प्रभावों को कम करने और उपज की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए ऑर्गेनिक फार्मिंग को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
बुनियादी ढांचा (Infrastructure): ग्रामीण इलाकों में गोदाम, कोल्ड स्टोरेज और प्रोसेसिंग यूनिट्स जैसी सुविधाओं का विकास।
खेत तालाब और यंत्रीकरण: खेती की रीढ़
मंत्री दत्तात्रय भरणे ने विशेष रूप से खेत तालाब (Farm Ponds) और कृषि उपकरणों (Agri Equipment) का जिक्र किया। महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा जैसे सूखा-प्रभावित क्षेत्रों के लिए खेत तालाब किसी जीवनदान से कम नहीं हैं।
खेत तालाब का महत्व:
जब बारिश नहीं होती, तब यही जमा किया हुआ पानी फसल को बचाता है। सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी से किसान बिना कर्ज के बोझ के अपने खेत में तालाब बनवा सकते हैं।
कृषि यंत्रीकरण (Farm Mechanization):
आज के दौर में बैलों से खेती करना महंगा और समय लेने वाला सौदा है। ट्रैक्टर, रोटावेटर, और हार्वेस्टर जैसे उपकरणों पर सब्सिडी मिलने से छोटे और सीमांत किसान भी आधुनिक खेती की मुख्यधारा में शामिल हो सकते हैं।
तुलनात्मक विश्लेषण: योजना की पुरानी और नई स्थिति
नीचे दी गई सारणी (Table) के माध्यम से समझें कि सरकार के इस नए फैसले से क्या बदलाव आने वाले हैं:
| विवरण (Parameters) | पूर्व स्थिति (Before Announcement) | नई स्थिति (After Announcement) |
| फंड की स्थिति | फंड की कमी के कारण देरी | “फंड की कोई कमी नहीं” का आश्वासन |
| लंबित आवेदन | 48 लाख आवेदनों पर अनिश्चितता | 47 लाख में से 10 लाख पात्र घोषित |
| अनुदान वितरण | रुका हुआ या धीमा | चरणबद्ध और त्वरित प्रक्रिया (Fast-tracked) |
| बजट आवंटन | सीमित संसाधन | कृषि समृद्धि योजना के तहत 5,000 करोड़/वर्ष |
| फोकस क्षेत्र | सामान्य खेती | जलवायु अनुकूल और टिकाऊ खेती (Sustainable Farming) |
पात्रता सुनिश्चित करने के लिए ‘प्रो-टिप्स’
चूंकि 47 लाख में से केवल 10 लाख किसान ही पात्र पाए गए, इसलिए आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आप अगली बार गलती न करें।
दस्तावेज अपडेट रखें: अपना 7/12 उतारा, आधार कार्ड और बैंक खाता लिंक हमेशा अपडेट रखें।
ऑनलाइन आवेदन (Mahadbt): महाराष्ट्र सरकार के Mahadbt पोर्टल पर ही आवेदन करें और स्टेटस चेक करते रहें।
शर्तों को पढ़ें: हर योजना (जैसे ड्रिप या तालाब) के लिए जमीन की सीमा और अन्य शर्तें अलग-अलग होती हैं। आवेदन करने से पहले जीआर (GR) को ध्यान से पढ़ें।
निष्कर्ष (Conclusion)
महाराष्ट्र सरकार और कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे का यह बयान निश्चित रूप से कृषि क्षेत्र में एक सकारात्मक ऊर्जा लेकर आया है। 2,000 करोड़ रुपये के तत्काल भुगतान की प्रतिबद्धता और अगले पांच सालों के लिए 25,000 करोड़ रुपये की ‘कृषि समृद्धि योजना’ यह दर्शाती है कि सरकार की प्राथमिकता में किसान सबसे ऊपर है। अब गेंद आपके पाले में है—जागरूक बनें, सही समय पर आवेदन करें और इन सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी खेती को मुनाफे के धंधे में बदलें। याद रखें, एक जागरूक किसान ही समृद्ध किसान होता है। आज ही अपने नजदीकी कृषि सेवा केंद्र या ग्राम पंचायत से संपर्क करें और अपनी पात्रता की जांच करें!
लोग यह भी पूछते हैं (People Also Ask – FAQs)
Q1: महाराष्ट्र में कृषि अनुदान के लिए आवेदन कैसे करें?
Ans: महाराष्ट्र में कृषि अनुदान के लिए आप ‘महाडीबीटी (Mahadbt)’ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आपको ‘फार्मर स्कीम’ विकल्प चुनना होगा। अपना आधार नंबर लिंक करें और 7/12, 8-A जैसे आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें। आवेदन के बाद लॉटरी सिस्टम या पात्रता जांच के आधार पर चयन किया जाता है।
Q2: कृषि समृद्धि योजना 2025 क्या है?
Ans: यह महाराष्ट्र सरकार की एक महत्वकांक्षी योजना है जिसे 2025-26 से अगले 5 वर्षों के लिए लागू किया गया है। इसका कुल बजट 25,000 करोड़ रुपये है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देना, और कृषि अवसंरचना को मजबूत करना है।
Q3: खेत तालाब (Farm Pond) योजना का लाभ किसे मिलता है?
Ans: खेत तालाब योजना का लाभ उन किसानों को मिलता है जिनके पास अपनी जमीन है और जो सूखा-संभावित या वर्षा-आधारित खेती वाले क्षेत्रों में आते हैं। इसके लिए किसान के पास कम से कम 0.60 हेक्टेयर जमीन होनी चाहिए। यह योजना जल संरक्षण और सिंचाई की सुविधा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
Q4: मेरा आवेदन ‘पात्र’ (Eligible) है या नहीं, यह कैसे पता करें?
Ans: आप अपने आवेदन की स्थिति महाडीबीटी (Mahadbt) पोर्टल पर लॉग-इन करके चेक कर सकते हैं। यदि आपके आवेदन के सामने “Under Scrutiny” या “Approved” लिखा है, तो प्रक्रिया चल रही है। यदि “Eligible for Lottery” या “Selected” है, तो आप पात्र हैं। किसी भी आपत्ति (Objection) के मामले में तुरंत कृषि अधिकारी से संपर्क करें।
Q5: कृषि यंत्रों पर कितनी सब्सिडी मिलती है?
Ans: कृषि यंत्रों पर मिलने वाली सब्सिडी की दर किसान की श्रेणी (SC/ST/General) और यंत्र के प्रकार पर निर्भर करती है। आमतौर पर, छोटे और सीमांत किसानों को यंत्र की लागत का 40% से 50% तक अनुदान मिलता है। कुछ विशेष हाई-टेक यंत्रों पर यह राशि अलग हो सकती है।
(MCQ Quiz)
Q1. महाराष्ट्र सरकार ने ‘कृषि समृद्धि योजना’ के लिए हर साल कितनी राशि मंजूर की है?
A. 2,000 करोड़ रुपये
B. 3,000 करोड़ रुपये
C. 5,000 करोड़ रुपये
D. 10,000 करोड़ रुपये
Correct Answer: C. 5,000 करोड़ रुपये
Q2. कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे के अनुसार, जांच के बाद कितने किसान पात्र पाए गए हैं?
A. 47 लाख
B. 10 लाख
C. 20 लाख
D. 5 लाख
Correct Answer: B. 10 लाख
Q3. लंबित अनुदानों को पूरा करने के लिए सरकार को लगभग कितने फंड की आवश्यकता है?
A. 1,000 करोड़ रुपये
B. 2,000 करोड़ रुपये
C. 500 करोड़ रुपये
D. 1,500 करोड़ रुपये
Correct Answer: B. 2,000 करोड़ रुपये
Q4. ‘कृषि समृद्धि योजना’ को किस तारीख की कैबिनेट बैठक में मंजूरी मिली थी?
A. 1 जनवरी 2025
B. 29 अप्रैल 2025
C. 15 अगस्त 2025
D. 1 दिसंबर 2025
Correct Answer: B. 29 अप्रैल 2025
Q5. इस नई योजना का मुख्य उद्देश्य क्या नहीं है?
A. किसानों की आय बढ़ाना
B. जलवायु अनुकूल खेती
C. मुफ्त बिजली देना
D. जैविक खेती को प्रोत्साहन
Correct Answer: C. मुफ्त बिजली देना (लेख में इसका उल्लेख नहीं है)

